SCI Life
Shailesh Kumar
12/05/2026
एक सोचने वाली बात
ज़िंदगी ने अब तक एक बात ज़रूर सिखाई है—
लोग मुश्किल समय में साथ तो देते हैं, सहयोग भी करते हैं,
लेकिन समय के साथ कई लोग अपनी बातें और ज़िम्मेदारियाँ भूल जाते हैं।
हम अक्सर लोगों से मदद लेते हैं, लेकिन जब हमारी बारी आती है
किसी और का हाथ पकड़ने की, तो कहीं न कहीं समाज में अभी भी कमी दिखाई देती है।
मेरा मानना है कि अगर एक व्यक्ति हमारी ज़िंदगी बदल सकता है,
और हज़ारों लोगों को नई दिशा दे सकता है… तो क्या हम भी किसी की ज़िंदगी में एक सकारात्मक बदलाव ला पा रहे हैं?
यही सबसे बड़ा सवाल है।
क्योंकि असली बदलाव सिर्फ अपने लिए आगे बढ़ने में नहीं,
बल्कि किसी और को भी आगे बढ़ाने में है।
23/10/2025
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