Mindful Body Fitness

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04/09/2023
05/09/2022

*पेट में गैस :- घरेलू नुस्खे*
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पेट से संबंधित कई तरह की समस्याओं में पेट में गैस बनना एक आम समस्या है। छोटी उम्र से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक, हर उम्र के व्यक्ति को कभी न कभी इस समस्या का सामना करना पड़ा है। पेट में गैस बनने के कई कारण हो सकते हैं जैसे अत्यधिक भोजन करना, ज्यादा देर तक भूखे रहने, तीखा या चटपटा भोजन करना, ऐसा भोजन करना जो पचने में कठि‍न हो, ठीक तरीके से चबाकर न खाना, ज्यादा चिंता करना, शराब पीना, कुछ बीमारियों व दवाओं के सेवन के कारण भी पेट में गैस सकती है।
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*1. अजवाइन के उपयोग मिलेगी राहत*:-

अजवाइन के बीज में थाइमोल नामक एक यौगिक होता है, जो गैस्ट्रिक रस को स्रावित करता है और पाचन में मदद करता है. गैस की समस्या में पानी के साथ लगभग आधा चम्मच अजवाइन के बीज खा सकते हैं. इससे आपको राहत मिलेगी.
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*2. जीरा पानी है रामबाण इलाज*

जीरा पानी गैस्ट्रिक या गैस की समस्या का सबसे अच्छा घरेलू उपचार है. जीरा में आवश्यक तेल होते हैं, जो लार ग्रंथियों को उत्तेजित करते हैं. इससे भोजन ठीक तरह से पचता है. यह पेट में अतिरिक्त गैस के निर्माण को भी रोकता है.जीरा पानी बनाने के लिए

एक चम्मच जीरा लें और इसे दो कप पानी में 10-15 मिनट के लिए उबालें. अब इसे ठंडा होने दें और भोजन के बाद इसे पियें.
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*3. हींग को पानी में मिलाकर पिएं*

आधा चम्मच हींग को हल्के गर्म पानी में मिलाकर पीने से पेट में गैस बननी कम होती है. हींग गैस से तुरंत राहत दिलाने में मददगार है. इससे पेट भी साफ हो जाता है और गैस से राहत भी मिलती है.
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4. *अदरक गैस को करती है दूर*

अदरक का इस्तेमाल कई रोगों में किया जाता है. ताजा अदरक का इस्तेमाल आप पेट की गैस दूर करने के लिए भी कर सकते हैं. पेट की गैस से राहत पाने के लिए आप अदरक की चाय पी सकते हैं. अदरक की चाय से मतलब दूध वाली चाय नहीं है. पेट की गैस में राहत पाने के लिए आपको एक कप पानी में ताजा अदरक के टुकड़े कर डालें और इसे अच्छी तरह उबाल लें. इसे हल्का गर्म ही पीएं.
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*5. बैकिंग सोड़ा और नींबू का रस पियें*

एक बेहद ही आसान और जल्दी से तैयार होने वाला घरेलू नुस्खा है बैकिंग पाउडर और नींबू का जूस. आयुर्वेदिक एक्सपर्ट बताते हैं कि एक चम्मच नींबू का जूस आधा चम्मच बेकिंग पाउडर को एक कप पानी में मिलाएं और पी लें. ऐसा करने से पेट की गैस से तुरंत राहत मिलती है.
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*स्वानुभूत प्रयोग*
*एक गिलास छाछ में आधा चम्मच अजवाइन थोड़ा सा काला नमक जीरा पाउडर चार से पांच पुदीने की पत्ती का रस। आधा चम्मच धनिया का रस लेने से गैस कि समस्या में बहुत जल्द आराम आता है।*
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यदि समय के अभाव एवं अन्य किसी कारण से आप उपरोक्त नुस्खे प्रयोग नहीं कर सकते हैं। तो
Aloevera 30 ml mor and eve
DTox 1 tab mor 1tab eve
Amrit shakti 1 cap mor and eve
Pudina Tulsi 1cap mor and eve भी ले सकते हैं।
Dr Ranveer Singh
( Ayurvedacharya )

01/09/2022

*मुंह के छाले का कारण, लक्षण व घरेलू उपचार*
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मुंह में छाले होना एक बहुत आम बात है, लेकिन इसके होने पर इन्सान का बुरा हल हो जाता है| वो ना ढंग से खा पी पता है ना ही बोल पाता है| ये छाले दिखने में सफ़ेद व आजू बाजु से लाल होते है| ये ज्यादातर गाल के पीछे, होंठ, जीभ के नीचे ना मुंह के उपरी हिस्सों में होते है| कई लोगों मुहं के छालों से हर थोड़े दिन में परेशान होते, सही ढंग से इलाज ना होने के कारण बार बार उन्हें ये समस्या हो जाती है|
*मुंह के छाले होने के कारण –*
वैसे छाले का कोई सही कारण नहीं पता है, तनाव भी छाले का एक कारण है|

पाचनतंत्र का ख़राब होना

ज्यादा तेल मसाले मिर्ची वाले भोजन का सेवन करना

अनुवांशिक

हार्मोन का बदलाव

विटामिन B की कमी

खाते समय दांत से गाल काट लेना

सिगरेट अधिक पीना

खट्टी चीजों का अधिक सेवन करना|

मुंह के छाले होने के लक्षण–

मुंह में फुंसी जैसा हो जाना, जहाँ पर लगातार दर्द बना रहता है|

*मुंह के छाले का घरेलू उपचार-*
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मुंह के छाले का भी घरेलू उपचार मौजूद है, जिसे अपना कर आप इस समस्या से आसानी से निदान पा सकते है|
*शहद – शहद छाले में आराम देता है इसे लगाने से काफी आराम मिलता है|*

आप शहद को एक कॉटन में लें और इसे छाले में लगायें|

आप इसी तरह ग्लिसरीन भी लगा सकते है| इससे छाले में ठंडक मिलती है|
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*एलोवेरा – यह नेचुरल तरीका है, जो कभी भी कही भी उपयोग में लाया जा सकता है| एलोवेरा gel या जूस को छाले में लगायें इससे दर्द कम होता है और छाले जल्दी दूर होते है| इसमें Antibacterial properties होती है जो सारे बैक्टीरिया दूर करता है|*
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*तुलसी – तुलसी के पत्ते बहुत जल्दी छाले से आराम दिलाते है| मुहं की जुडी सारी बीमारियों को ये दूर करता है|*

4-5 तुलसी पत्ते धो लें|

इसे धीरे धीरे चबाएं और थोडा पानी भी पियें|

सुबह व शाम दिन में 2 बार ऐसा करें| छाले दूर हो जायेंगे| इससे मुहं की दुर्गंध की परेशानी भी हल हो जाती है|
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*बर्फ – छाले के दर्द में बर्फ बहुत आराम देता है| जब भी ऐसा लगे की छाले हो रहे है, बर्फ से सिकाई करें| छाले में पहले ही आराम मिल जायेगा|*
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*हल्दी – हल्दी सबसे अच्छा anticeptic है, जो सब तरह के घाव में रामवाण की तरह कार्य करती है| हल्दी का उपयोग छाले के इलाज में भी होता है|*
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*1 ग्लास गुनगुने पानी में ½ चम्मच हल्दी डालें|*

अब इस पानी से कुल्ला करें|

आप दिन में कई बार इस प्रक्रिया को दोहराएँ| जल्द आराम मिलेगा|

*अमरुद – अमरुद भी छाले में आराम देता है| इसके रस को आप छाले में लगायें आराम जल्दी मिलेगा|*
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*धनिया – धना की तरह धनिया की पत्ती भी छाले में आराम देती है| आप पत्ती व उसके तने को पीस कर रस निकाल लें, अब इसे कॉटन में लेकर छाले में लगायें| जल्दी छाले की समस्या हल हो जाएगी|*
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*कुछ अन्य उपाय –*

*ब्रश हमेशा मुलायम वाला उपयोग करें|*

*छाले जब हो तब सादा खाना खाएं|*

*पानी अधिक पिये*
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*अगर आपको लगता है इन घरेलू नुस्खों के माध्यम से आप किसी के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं तो कृपया इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शेयर करें।*
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01/09/2022

*Omega 3 For Health: ओमेगा-3 फैटी एसिड*

(Omega-3 Fetty Acid ) एक ऐसा पोषक तत्व है, जो शरीर को कई फायदे पहुंचाता है. रोगों से लड़ने की क्षमता विकसित करने के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड (Omega 3 Fetty Acid) जरूरी है. ओमेगा-3 फैटी एसिड 3 तरह के होते हैं, जिनमें ALA (अल्फा-लिनोलेनिक एसिड) ओमेगा पौधों में होता है. दूसरा DHA (डोकोसाहेक्सानोइक एसिड) और तीसरा EPA (इकोसापैनटोइनिक एसिड) ओमेगा पशु खाद्य पदार्थों में पाया जाता है. *ये तीनों ही तरह के ओमेगा शरीर के लिए बहुत जरूरी हैं*. हालांकि इनमें सबसे जरूरी ओमेगा-3 फैटी एसिड है. जानते हैं
*ओमेगा-3 फैटी एसिड से शरीर को मिलने वाले फायदे (Benefits of Omega-3)*

*1 त्वचा को मुलायम बनाने, झुर्रियां मिटाने, त्वचा को हाइड्रेट रखने के लिए ओमेगा 3 फैटी एसिड बहुत फायदेमंद होता है.*

2 *प्रेग्नेंसी में शिशु और मां को निरोगी बनाने के काम करता है. इससे शिशु के शरीर और मस्तिष्क का विकास ठीक से होता है।*

3 *ह्रदय संबंधी रोगों को दूर करने के लिए ओमेगा 3 फैटी एसिड बहुत जरूरी है. ओमेगा 3 फैटी एसिड मेटाबोलिक सिंड्रोम को ठीक करने में मदद करता है*.

4 *ओमेगा 3 फैटी एसिड वजन घटाने और मोटापा दूर करने में भी मदद करता है*
5 *ओमेगा 3 फैटी एसिड आंखों के रेटिना और दूसरी समस्याओं के लिए फायदेमंद होता है.*

6 *हाई ब्लड प्रेशर को कम करने में भी ओमेगा-3 फैटी एसिड मदद करता है*
7 *शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए भी ओमेगा 3 फैटी एसिड जरूरी है.*

8 *मनोविकार दूर करने के लिए भी ओमेगा 3 फैटी एसिड जरूरी है. इसकी कमी से भूलने की बीमारी जैसे अल्जाइमर हो सकती है*.

9 *कैंसर रोकने में असरदायक है ओमेगा-3 फैटी एसिड.*

10 *लिवर और अस्थमा में भी ओमेगा 3 फैटी एसिड की जरूरत होती है*
11. *हार्मोनल इंबैलेंस को सही करने के लिए ओमेगा 3 बहुत उपयोगी है।* *पीरियड संबंधी समस्याओं के लिए ओमेगा 3 रामबाण की तरह काम करता है।*
12.. *जोड़ों के दर्द.. जकड़न.. में Omega-3 अत्यंत उपयोगी है क्योंकि यह सूजन कम करता है। इसलिए हर प्रकार की अर्थराइटिस में omega-3 का सेवन जरूर करना चाहिए।*
*प्राकृतिक स्रोत* :-
1..मछली सबसे उत्तम प्राकृतिक स्रोत है ओमेगा-3 के लिए।
2.. अलसी के बीजों में भी omega-3 पाया जाता है।
3.. अखरोट और सोयाबीन के माध्यम से भी omega 3 प्राप्त हो सकता है।
*ओमेगा 3 फैटी एसिड सबसे अधिक मछली में ही पाये जाते हैं।*

01/09/2022

*मोटापा और डायबिटीज आज के समय की दो सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याएं हैं. अस्त-व्यस्त जीवनशैली, गलत खानपान इसके प्रमुख कारण हैं लेकिन लाइफस्टाइल और भोजन की आदतों में सुधार करके हम इन समस्याओं से बच सकते हैं.*

डायबिटीज में ब्लड शुगर का लेवल बहुत बढ़ जाता है जिससे शरीर की इंसुलिन उत्पादन क्षमता प्रभावित होने लगती है. कई बार ऐसा भी होता है कि शरीर सक्रिय रूप से इंसुलिन का इस्तेमाल ही नहीं कर पाता हैं.

डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए सबसे जरूरी तो ये है कि आप अपने खानपान पर विशेष ध्यान दें और परहेज करें. इसके अलावा कई ऐसे घरेलू उपाय हैं जिनसे आप डायबिटीज को कंट्रोल करके एक सामान्य जीवन जी सकते हैं.

*सबसे पहले आप ये जान लें कि डायबिटीज के लक्षण क्या होते हैं.* टाइप-1 डायबिटीज होने पर लक्षण बहुत तेजी से दिखते हैं, वहीं टाइप-2 डायबिटीज में शुरुआत में काफी कम लक्षण नजर आते हैं. ये हैं टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज के शुरुआती लक्षण हैं.

⦁ चिड़चिड़ापन
⦁ आंखों में धुंधलापन
⦁ घाव का देरी से भरना
⦁ स्किन इंफेक्शन
⦁ बहुत प्यास लगना
⦁ बार-बार टॉयलेट आना
⦁ बहुत भूख लगना
⦁ वजन बढ़ना या कम होना
⦁ थकान
⦁ ओरल इंफेक्शन्स
⦁ वजाइनल इंफेक्शन्स
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डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय,

*डायबिटीज के आयुर्वेदिक और घरेलू उपाय (Ayurvedic And Home Remedies for Diabetes)*

*1- जामुन के बीज*- डायबिटीज के आयुर्वेदिक इलाज में जामुन के बीजों का इस्तेमाल किया जाता है. इसके लिए जामुन की गुठलियों को सुखाकर पीस लें. इसका चूर्ण बना लें. अब इसे सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ लें. इससे डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।
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*2- मेथी-* मधुमेह के रोगियों के लिए मेथी बहुत फायदेमंद मानी जाती है. मेथी के बीज खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है. इसके लिए आपको एक चम्मच मेथी के बीज को रात भर एक गिलास पानी में भिगोकर रखना है. सुबह खाली पेट बीज समेत पानी को पी लें. आपको इसके आधे घंटे तक कोई दूसरी चीज नहीं खानी हैं।
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*3- लहसुन-* लहसुन को आयुर्वेद में काफी इस्तेमाल किया जाता है. सभी के घरों में खाने में लहसुन का इस्तेमाल किया जाता है. लहसुन के सेवन से कोलेस्ट्रॉल कम करने और मधुमेह को कंट्रोल करने में मदद मिलती है. इसके लिए रातभर लहसुन की 2-3 कलियों को पानी में भिगो दें. सुबह खाली पेट इन्हें चबाकर खा लें.
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*4- दालचीनी-* खड़े मसालों में दालचीनी सभी के घर में इस्तेमाल होती है. दालचीनी से डायबिटीज को कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है. इसमें मधुमेह विरोधी गुण पाए जाते हैं. दालचीने के उपयोग से ब्लड शुगर लेवल कम करने में मदद मिलती है. इसके लिए आप रोज आधा चम्मच दालचीनी पाउडर का सेवन करें.
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*5- एलोवेरा-* पिछले काफी समय से आयुर्वेद में एलोवेरा का इस्तेमाल किया जा रहा है. मधुमेह को कंट्रोल करने के लिए भी एलोवेरा के जूस का सेवन करना फायदेमंद माना जाता है. एलोवेरा जूस पीने से रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद मिलती है. एलोवेरा में हाइड्रोफिलिक फाइबर, ग्लूकोमेनन और फाइटोस्टेरॉल जैसे तत्व होते हैं जिससे ब्लड शुगर कम रहता है.
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*6- आंवला-* आंवला डायबिटीज में भी फायदेमंद है. इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी से पाया जाता है. आंवला में हाइपोग्लाइसेमिक गुण होते हैं. आंवला खाने के 30 मिनट में ब्लड शुगर लेवल कम किया जा सकता है।
*20ml आंवले के रस में दो चुटकी हल्दी पाउडर और एक चम्मच शहद मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट का सेवन यदि आप लगातार छह महीने तक करते हैं तो संभावना है की डायबिटीज जड़ से खत्म हो जाए।*
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*7- नीम-* नीम के पत्ते चबाने और रस पीने से डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिलती है. नीम में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं. इसके अलावी नीम में एंटी-डायबिटिक गुण भी पाए जाते हैं. ये सभी तत्व मधुमेह भी कंट्रोल करने में मदद करते हैं.
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*इन सभी घरेलू नुस्खों के साथ में आपको अपने डॉक्टर की दवाई नियमित रखनी है। जैसे जैसे आपकी डायबिटीज कंट्रोल होने लगेगी आपका डॉक्टर स्वत: ही आपकी दवाइयां कम करने लगेगा। कृपया डॉक्टर से बिना पूछे अपनी दवाइयां किसी भी स्थिति में बंद नहीं करनी है।*
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*डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए शारीरिक व्यायाम अत्यंत आवश्यक है कम से कम 5000 कदम प्रतिदिन जरूर चलें। साथ ही आलू चावल चीनी मैदे से बनी हुई चीजों से परहेज करें।*
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*अगर हमारे द्वारा भेजी गई डायबिटीज संबंधित यह जानकारी आपको अच्छी लगी तो कृपया इसको आम जनमानस तक पहुंचाएं। आपका छोटा सा प्रयास किसी के जीवन में मुस्कुराहट का कारण बन सकता है।*
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*सहृदय धन्यवाद*🙏

01/09/2022

*उच्च कोलेस्ट्रोल / High cholesterol*
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आजकल हमारी जीवनशैली इतनी ज्यादा बदल गई है, कि हम अपने खान पान पर ध्यान ही नहीं देते है, और शरीर में कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ जाती है| कोलेस्ट्रोल एक बहुत आम समस्या है और ये हमारे देश में बहुतो को अपनी चपेट में लिए हुए है| हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा मौतों का कारण दिल से संबंधित बीमारियां हैं। और दिल से संबंधित बीमारियों का मुख्य कारण कोलस्ट्रोल है। आईये इस कोलेस्ट्रॉल को जड़ से खत्म करें
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*कोलेस्ट्रोल क्या है ?*

कोलेस्ट्रोल एक तरह का वसा Fat है जो हमारे शरीर के खून में होता है| सही ढंग से इसका उपयोग नहीं होता है और ये बीमारी का रूप ले लेता है| कोलेस्ट्रोल अपने साथ दूसरी बीमारियों को भी न्योता देता है|

*कोलेस्ट्रोल बढ़ने का कारण*
1..अनुवांशिक
2..सिगरेट शराब का अधिक 3..सेवन करना
4..उम्र के अनुसार
5..शारीरिक कार्य जैसे व्यायाम चहलकदमी का आभाव
6..वसा युक्त भोजन का अधिक सेवन
7..फ़ास्ट फ़ूड का अधिक सेवन

*कोलेस्ट्रोल के लक्षण–*
सीने में दर्द
लोअर बॉडी का ठंडा होना
बार-बार सांस लेने में तकलीफ
मतली आना
थकान महसूस होना
ब्लड प्रेशर बढ़ना
पैर के पंजों में झुनझुनी का होना
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वैसे इसके लिए आपको कुछ खास लक्षण अपने शरीर में समझ नहीं आयेंगे, लेकिन इसके होने से दूसरी बीमारी होने के चांस बढ़ जाते हैं।
डॉक्टर सलाह देते है कि 20 साल की उम्र के बाद से हमें हर पांच साल में कोलेस्ट्रोल की जांच कराना चाहिए| इसके लिए आपको अपना ब्लड टेस्ट करवाना होगा|
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*उच्च कोलेस्ट्रोल से होने वाली अन्य बीमारी –*

हाई ब्लडप्रेशर

शुगर

किडनी से जुडी परेशानी

लीवर की परेशानी

दिल से जुडी परेशानी

*उच्च कोलेस्ट्रोल कम करने के इलाज*
हमें शरीर को चुस्त तंदुरुस्त बनाने के लिए जरूरत है कि हम उसका ख्याल रखे, कोलेस्ट्रोल को control में रखें उसे बढ़ने ना दें।
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*ओमेगा 3 फैटी एसिड:- दिल की सुरक्षा के लिए, कोलेस्ट्रोल को कम करने के लिए, मोटापे को कंट्रोल करने के लिए, मेटाबॉलिक सिंड्रोम जैसे कि डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए , हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए ओमेगा 3 को अपनी डाइट पर जरूर शामिल करें।*

*प्याज –* :- लाल प्याज कोलेस्ट्रोल कम करने में सहायक होती है| एक रिसर्च के अनुसार ये ख़राब कोलेस्ट्रोल को खत्म कर अच्छे कोलेस्ट्रोल को बढाता है|
एक चम्मच प्याज के रस में शहद डाल कर रोज पियें|
इसके अलावा एक कप छाछ में एक प्याज को बारीक़ काट काट कर मिलाएं, इसमें नमक व काल मिर्च डाल कर रोज पियें|
*प्याज, लहसून व अदरक को अपने खाने में शामिल करें|*

*आवला* – आवला भी कोलेस्ट्रोल control में सहायक है, जो हमारे घर में आसानी से मिल जायेगा|

*एक चम्मच आवला पाउडर को 1 गिलास गुनगुने पानी में डाल कर पियें|*

इसे आप रोज सुबह खली पेट पियें| बहुत जल्द फर्क समझ आएगा|

*संतरे का जूस* – संतरा में विटामिन c होता है जो ख़राब कोलेस्ट्रोल को हटाने में बहुत मददगार है| रोज 2-3 ग्लास संतरे का जूस पिने से आपके शरीर में कोलेस्ट्रोल बहुत जल्दी कंट्रोल हो जायेगा| जूस नहीं तो आप संतरा आपनी डाइट में शामिल करें|

*ओट्स –* ओट्स हर तरह से बेहतर है हमारे शरीर के लिए, ये शरीर में कोलेस्ट्रोल को कम करता है, वजन कंट्रोल रहता है|

*दालचीनी*:- दोस्त की दालचीनी को एक चम्मच शहद में मिलाकर लेने से कोलेस्ट्रोल बहुत तेजी से कम होता है।

*कसरत (excercise) –* रोज सुबह व्यायाम करें, दिन में 30 min चहलकदमी की आदत डालें|
*समय के अभाव या किसी अन्य कारण से यदि आप उपरोक्त औषधियों का सेवन नहीं कर सकते हैं तो विकल्प के लिए*
*Cardio Active*
*Krill-oil cap*
*Garlic pearl* के नियमित सेवन से कोलेस्ट्रोल बहुत तेजी से कंट्रोल होता है।
🙏🙏🙏🙏
*स्वस्थ भारत ही समृद्ध भारत की नीव हैं।*

30/08/2022

*हाइपोथायरायडिज्म (थायराइड कम होना) क्या है?*
हाइपोथायरायडिज्म को अंडरएक्टिव थायराइड रोग भी कहा जाता है। यह एक सामान्य विकार है। यह तब होता है जब आपकी थायरॉयड ग्रंथि पर्याप्त थायरॉयड हार्मोन नहीं बना पाती है। महिलाओं में खासतौर हाइपोथायरायडिज्म सामान्य रूप से देखने को मिलता है।

*हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण* -
हाइपोथायरायडिज्म के संकेत और लक्षण क्या हो सकते हैं?
हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण और संकेत मूल रूप से थायरॉयड हार्मोन उत्पादन में होने वाली कमी और उसकी गंभीरता पर आधारित होते हैं। सामान्य तौर पर देखा जाए तो इससे जुड़ी कई परेशानियां होती हैं जो हमारे अंदर सालों से पनपती चली आ रही होती हैं।

1..थकान
2..ज्यादा ठंड महसूस होना
3..रूखी त्वचा
4..वजन का बढ़ना
5..चेहरे पर सूजन
6..आवाज का बैठ जाना
7..मांसपेशियों की कमजोरी
8..रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ना
9..मांसपेशियों में दर्द, कोमलता और जकड़न
10..जोड़ों में अकड़न और सूजन के साथ दर्द
11..असामान्य और अनियमित रूप से मासिक धर्म
12..बाल झड़ना
13..दिल की गति धीमी होना
14..अवसाद Depression
15..स्मरण शक्ति का खराब पड़ जाना ।
*पहली बार आप हाइपोथायरायडिज्म के लक्षणों में थकावट और वजन बढ़ने जैसी परेशानियों को महसूस कर सकते हैं। मगर जब आपके चयापचय (Metabolism) के काम करने की गति धीमी होने लगती है, तब आप और स्पष्ट संकेत देख सकते हैं।*
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*Home remedies for Hypothyroidism*
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1..अश्वगन्धा हाइपोथॉयराडिज्म में फायदेमंद :-
अश्वगन्धा एक ऐसी जड़ी-बूटी है जिससे मौजूद एंटी ऑक्सिडेंट गुण हार्मोन की सही मात्रा में उत्पादन कर थायरॉइड को रोकने का काम करता है। हार्मोन संतुलन के साथ यह प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार कर तनाव से मुक्ति दिलाता है।
2..अलसी हाइपोथॉयराडिज्म में फायदेमंद
अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह Fatty Acids थायरॉइड ग्रन्थि के सही तरीके से काम करने में आवश्यक भूमिका निभाता है। हाइपोथायरायडिज्म से पीड़ित लोगों को अलसी और अलसी के तेल का प्रयोग जरूर करना चाहिए।
3.. सबसे अच्छा ओमेगा 3 Krill-oil cap के माध्यम से प्राप्त होता है। क्रिल ऑयल कैप्सूल दिन में एक बार जरूर लेना चाहिए।
4..अदरक हाइपोथॉयराडिज्म में फायदेमंद
अदरक जिंक, मैग्नीशियम और पोटेशियम का एक अच्छा स्रोत है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण थायरॉइड की कार्यक्षमता में सुधार लाने में मदद करते हैं।
6..अगर आप थायरॉइड की समस्या से ग्रस्त हैं। आप ब्राह्मी नामक जड़ी-बूटी की मदद ले सकते हैं। यह एक शक्तिशाली जड़ी-बूटी है जो थायरॉइड ग्रन्थि को संतुलित करने का काम करती है।
7..थायरॉइड से राहत पाने के लिए काली मिर्च का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है। काली मिर्च का सेवन करने से थायरॉइड की बीमारी ठीक हो जाती है।
8..थायरॉइड के मरीज के लिए हरा धनिया बहुत ही फायदेमंद होता है। इसलिए थायरॉइड को ठीक करने के लिए थॉयरायड का प्रयोग करने इसको नियंत्रण में किया जा सकता है।
9..ऑवला चूर्ण और शहद
ऑवला चूर्ण और शहद के मिश्रण का सेवन करने से इसका असर आपको 10-15 दिनों में आपको महसूस होने लगेगा। इसके लिए आपको सुबह खाली पेट एक चम्मच शहद में 5-10 ग्राम ऑवला चूर्ण मिक्स करके उंगली से चाटना होगा। इस प्रक्रिया को रात को खाना खाने के 2 घंटे बाद एक बार फिर दोहराएं। इस उपाय से आपका मोटापा भी कंट्रोल होगा।
10..-गले को दें ठंडी गर्म सेंक

थायरइड की समस्या में गले को ठंडी-गर्म सेंक देने से फायदा मिलता है। इसके लिए आप गर्म पानी को एक बोतल में भर लें और अलग से ठंडे पानी को किसी बर्तन में भर लें। ठंडे पानी में एक तौलिया भी भिगों लें।
11.. रात में सोते समय दो चुटकी हल्दी को एक कप दूध में पकाकर नियमित रूप से पीने से थायराइड में बहुत लाभ मिलता है।
🙏🙏🙏

27/08/2022

*खांसी-जुकाम हर बदलते मौसम के साथ आने वाली समस्या है। खांसी बैक्टीरियल या वायरल इन्फेक्शन, ऐलर्जी, साइनस इन्फेक्शन या ठंड के कारण हो सकती है लेकिन हमारे देश में हर परेशानी के लिए लोग डॉक्टरों के पास नहीं जाते। हमारी ही किचन में कई ऐसे घरेलु नुस्खे (Home Remedies) छिपे होते हैं जिनसे खांसी-जुकाम जैसी छोटी-मोटी बीमारियां फुर्र हो जाती हैं। तो आइए हम आपको बताते हैं खांसी-जुकाम (Cold-Cough) में रामबाण ये घरेलू नुस्खे*...
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*शहद, नींबू और इलायची का मिश्रण*
आधा चम्मच शहद में एक चुटकी इलायची पाउडर और कुछ बूंद नींबू के रस की बूंदे डालिए। इस सिरप का दिन में 2 बार सेवन करें। आपको खांसी-जुकाम से काफी राहत मिलेगी।

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2..बचपन में सर्दियों में नानी-दादी घर के बच्चों को सर्दी के मौसम में रोज हल्दी वाला दूध पीने के लिए देती थी। हल्दी वाला दूध जुकाम में काफी फायदेमंद होता है क्योंकि हल्दी में Antioxidant होते हैं जो कीटाणुओं से हमारी रक्षा करते हैं। रात को सोने से पहले इसे पीने से तेजी से आराम पहुचता है. हल्दी में एंटी बैक्टीरियल और एंटी वायरल प्रॉपर्टीज मौजूद रहती है जो की इन्फेक्शन से लडती है. इसकी एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज सर्दी, खांसी और जुकाम के लक्षणों में आराम पहुंचाती है।

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3..गर्म पानी और नमक से गरारे
गर्म पानी में चुटकी भर नमक मिला कर गरारे करने से खांसी-जुकाम के दौरान काफी राहत मिलती है। इससे गले को राहत मिलती है और खांसी से भी आराम मिलता है। यह भी काफी पुराना नुस्खा है।

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4..अदरक को छोटे टुकड़ों में काटें और उसमें नमक मिलाएं। इसे खा लें। इसके रस से आपका गला खुल जाएगा और नमक से कीटाणु मर जाएंगे।
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
आयुर्वेद अपनाईये।

27/08/2022

*कब्ज की समस्या में बड़े काम आते हैं ये घरेलू नुस्खे, बिना खाए भी भारी लगता है पेट तो करें ये उपाय:-*

1..कब्ज होने पर गैस की समस्या हो जाए तो लोगों के बीच शर्मिंदा भी होना पड़ता है. बहुत सारे लोग सोचते हैं कि कब्ज ही तो है, इसमें दवा क्या लेना! दवा नहीं भी लेना हो तो आप आयुर्वेद में बताए गए उपाय आजमा सकते हैं. यहां हम कुछ उपायों के बारे में बात करते हैं.

1..एक सेब रोज सुबह
सेब, स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है. तभी तो कहा जाता है कि An Apple in a Day, Keeps the Doctor Away. यानी एक सेब रोज खाने से डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं होती है. आयुर्वेद में रोज सुबह उठते ही एक सेब खाने की सलाह दी जाती है.

एक्सपर्ट बताते हैं कि सेब में फाइबर होता है जो शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है. इसलिए रोज एक सेब खाने से आप कई बीमारियों से बचे रहेंगे. कब्ज जैसी समस्या में भी यह बड़े काम का होता है.

2..जीरे और अजवाइन का पानी
हर सुबह जीरे और अजवाइन का पानी पीने से आपकी पुरानी से पुरानी पेट संबंधी समस्या दूर होती है. एसिडिटी और कब्ज की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए यह पानी पीने की सलाह दी जाती है.

यही वजह है कि जीरे और अजवाइन के पानी को पेट के लिए ‘जादुई पानी’ भी कहा जाता है. इस पानी को पीने से आपके शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और पाचन शक्ति मजबूत होती है.।
3..रात में सोते समय एक गिलास दूध में एक चम्मच घी डालकर यदि आप पी लेते हैं तो सुबह उसने पर पेट पूरी तरह से साफ हो जाता है।
4...1 चम्मच ईसबगोल की भूसी को रात्रि 1 ग्लास गर्म दूध के साथ लेने पर सुबह पेट साफ हो जाता है।
ज्यादा से ज्यादा हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें। सलाद का सेवन करें। रात्रि खाने के बाद 1000 कदम जरूर टहले।
कब्ज जड़ से खत्म हो जाएगी।
*पेट सफा तो हर रोग दफा*
🙂🙂🙂
*यदि आपको हमारे द्वारा भेजे गए घरेलू नुस्खे उपयोगी लग रहे हैं तो आप जवाब में यस लिखकर हमें प्रोत्साहित कर सकते हैं। हमारा मनोबल बढ़ेगा तो हम और अच्छा करने का प्रयास करेंगे।*🙏
*पोस्ट को पढ़ने के लिए सहृदय धन्यवाद।🙏*

23/08/2022

पुराने समय से ही आँवले का प्रयोग अचार तथा मुरब्बा बनाने में होता आया है। इसमें उच्च मात्रा में असोर्बिक एसिड (विटामिन सी) होता है।आयुर्वेदिक दवाइयों में भी वर्षों से आँवले का प्रयोग किया जाता रहा है।

फायदे
1. आँवला (Amla) खाने से हाई कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित होता है। इसमें मौजूद विटामिन सी से कोलेस्ट्रॉल की मात्रा घटती है।

2. आँवला का प्रयोग शुगर रोगियों के लिए भी लाभकारी है। यह रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित रखता है। जिससे शुगर धीरे धीरे कम होती है।

3. अग्नाशय(Pancreas) में दर्द होने या सूजन की शिकायत होने पर भी आँवला खाना काफी लाभप्रद होता है।

4. कैंसर से बचाव में भी आँवला खाना फायदेमंद होता है।

5. पेट खराब होने, अपच की शिकायत या जलन होने पर भी आँवला खाने से बेहद लाभ मिलता है।

6. आँखों के रोगों में भी आँवला का प्रयोग लाभकारी है। मुरब्बा, अचार या सूखा आँवला किसी भी रूप में खाया जा सकता है। इससे आँखों की रोशनी भी बढ़ती है।

7. जोड़ों के दर्द में भी आँवला खाना प्रभावकारी होता है। जो लोग आँवला नहीं खा सकते वह आंवले के रस का सेवन कर सकते हैं।

8. आजकल मोटापा आम हो गया है। मोटापे से मुक्ति के लिए रोज निहार मुँह आँवला खाएं।

9. आँवला खाने से त्वचा और बालों की खूबसूरती भी बढ़ाई जा सकती है। आँवला खाने से त्वचा में चमक आती है और बाल लंबे काले और घने बनते हैं।

10. बॉडी रिएक्शन से होने वाले दर्द और सूजन का उपचार भी आंवले से संभव है।

11. त्वचा का रंग निखारने के लिए रोज आँवला खाएं। इसके अलावा फेस पैक के रूप में भी आँवला लगाया जा सकता है।

12. जिनका सिर कमजोर हो और सिर दर्द की शिकायत अक्सर बनी रहती हो उन्हें भी आंवले का सेवन करना चाहिए। सुबह निहार मुँह रोज आंवले का मुरब्बा खाएं।

सावधानी
1. आँवले (Amla) का प्रयोग कुछ लोगों में ब्लीडिंग का रिस्क बढ़ा सकता है। इसलिए इसे खाने के साथ सावधानी जरूरी है।
यदि आप खून पतला करने की दवाइयां खा रहे हैं। तू कृपया करके आंवले का सेवन अपने डॉक्टर से पूछ कर ही करें।

2. आँवले के ज्यादा प्रयोग से ब्लड शुगर का लेवल घटता है जिससे शुगर रोगियों की दवा में परिवर्तन संभव है। शुगर के मरीज यदि आमला लंबे समय से ले रहे हैं। तो उन्हें अपनी शुगर चेक करते रहना चाहिए

3. किसी भी प्रकार की सर्जरी से लगभग दो हफ्ते पहले से आँवला का प्रयोग बंद कर देना चाहिए। सर्जरी के बाद भी आँवला का प्रयोग कुछ समय तक नही करना चाहिए क्योंकि ये ब्लीडिंग को बढ़ा सकता है।
नोट :- *20ml आंवले का जूस + आधा चम्मच हल्दी यदि शुगर के मरीज को नियमित रूप से 6 महीने दे दिया जाए तो अप्रत्याशित लाभ मिलने की संभावना रहती है।*
🙏🙏
आंवले के संबंध में हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको कैसी लगी। हमें जरूर बताएं।
आयुर्वेद से संबंधित यदि आपका किसी भी प्रकार का प्रश्न है। आप हमें अवश्य बताएं हम यथासंभव प्रयास करेंगे आपके प्रश्न का उत्तर देने के लिए।
धन्यवाद।🙏

23/08/2022

*हार्ड ब्लड प्रेशर घरेलू उपचार*
सबसे पहले तो आपको ये समझना होगा कि हाई बीपी है क्या, हाई ब्लड प्रेशर यानी कि उच्च रक्तचाप, आपका हृदय धमनियों के माध्यम से पूरे शरीर को खून भेजता है, शरीर की धमनियों में जो रक्त बहता है उसे ठीक तरह से बहने के लिए एक निश्चित प्रेशर की जरूरत होती है, मगर ये दबाव अगर बढ़ जाता है तो हाई ब्लड प्रेशर हो जाता है। और अगर दबाव कम हो जाता है तो बीपी लो हो जाता है। हाई बीपी की वजह होती है आपकी नसों में वसा का जम जाना। आज हम आपको हाई बीपी के लक्षण बताएंगे साथ ही वो उपाय बताएंगे जिससे आप अपना बीपी कम कर सकते हैं।हाई ब्लड प्रेशर की वजह से हृदय से जुड़े रोग, और गुर्दे से जुड़े रोग की समस्या हो सकती है इसके अलावा आंखें खराब होने का भी खतरा होता है। हाई बीपी से बचने के क्या उपाया हैं
*हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण*
सिर दर्द
थकान
गुस्सा और चिड़चिड़ापन
तनाव
सीने में दर्द
सांस लेने में परेशानी
घबराहट
पैर सुन्न होना
कमजोरी
धुंधला दिखना
*हाई ब्लड प्रेशर का उपचार*
1..मेथीदाना या पाउडर सुबह-शाम पानी के साथ लेने हाई बीपी कंट्रोल में रहता है।
2.. सुबह उठने के बाद खाली पेट दो चुटकी दालचीनी एक चम्मच शहद के साथ में यदि खाया जाए तो इससे भी हाई बीपी और कोलेस्ट्रॉल की समस्या में काफी लाभ मिलता है।
3.. अर्जुन की छाल की चाय को यदि दिन में दो बार लिया जाए तो इससे भी हाई बीपी की समस्या में काफी लाभ मिलता है।
4.. लहसुन की दो कलियां सुबह खाली पेट यदि आप कच्ची चबाते हैं तो यह भी कोलेस्ट्रॉल और हाई बीपी के लिए बहुत लाभकारी है।
🙏🙏
आयुर्वेद एवं हमारे रसोई घर में रखी हुई औषधियों के माध्यम से हम जटिल से जटिल रोगों को घर से ही सही कर सकते हैं। जरूरत है सही समय पर सही ज्ञान की।
धन्यवाद 🙏

23/08/2022

पैरों के तलवों में जलन दूर करने के उपाय



*पैरों के तलवे में जलन का कारण*:-

पैर में रक्त का प्रवाह कम होना

उम्र अधिक होना

डायबटीज भी है एक कारण

किडनी की परेशानी

विटामिन की कमी

शराब अधिक पीना

किसी दवाई का साइड इफेक्ट्स

ब्लडप्रेशर

*पैरों के तलवे में जलन को दूर करने के आसान घरेलु उपाय*

*बड़ी सौंफ -* सौंफ शरीर में ठंडक देती है, हाथ पैर की जलन को दूर करने लिए ये बहुत काम आती है. बड़ी सौंफ, खड़ा धनिया व मिश्री को बराबर मात्रा में मिलाकर पीस लें, अब दोनों समय खाने के बाद 1-1 चम्मच पानी के साथ लें, कुछ दिन लगातार खाने से आपको आराम मिलेगा.
*अदरक -* अदरक भी हाथ पैर की जलन कम करता है. ये शरीर में खून का प्रवाह बढ़ाता है, रोजाना एक टुकड़ा अदरक का खाने से शरीर में खून सही ढंग से प्रवाह होगा, जिससे पैर की जलन व दर्द दूर होगा. इसके अलावा आप नारियल या जैतून के तेल में थोडा सा अदरक का रस मिलाकर हल्का गुनगुना कर लें, अब पैर व हाथ में 10 min तक मालिश करें, रोजाना ऐसा करने से आराम मिलेगा।
हरी घास पर चलें - नेचुरल थेरिपी से अच्छा कोई इलाज नहीं होता है. बिना चप्पल के हरी घास पर चले, इससे पैर में खून का संचार अच्छे से होता है.
*मसाज -* खून संचार बढ़ाने के लिए मसाज करना सबसे कारीगर है, नारियल या जैतून तेल से पैरों की कुछ देर मालिश करें, रोजाना ऐसा करने से आपको जलन की परेशानी दूर हो जाएगी.
*हमारे द्वारा भेजे गए नुस्खे आपको कैसे लग रहे हैं । कृपया करके जरूर बताएं।🙏🙏*

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