Natural Cure Ayurveda
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हमारा दवाख़ाना 150 साल पुराना है, जिसकी विरासत 4 पुश्तों से चली आ रही है। आज हम उसी भरोसे और ईमानदारी के साथ अपना काम जारी रखे हुए हैं। नाम है —हकीम वज़ीर भरोसा है – हमारी पहचान! पंजीकृत औषधीय विशेषज्ञ (pharmacist) संपर्क करें
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05/08/2026
बांझnपन (संnतान न होना) के लिए पारंपरिक नुस्खा
बांnझपन एक ऐसी समस्या है जिसका उपचार संभव है। इसके कारण पुरुष और महिला दोनों में हो सकते हैं। यदि समस्या पुरुष में हो, तो इसकी मुख्य तीन स्थितियाँ हो सकती हैं:
1. प्रजnनन क्षमता (शुक्राrणु बनाने की शक्ति) का कम या समाप्त हो जाना।
2. वीrर्य की शक्ति में कमी।
3. संmभोग की इच्छा (कामेच्छा) में कमी।
यह पारंपरिक नुस्खा इन तीनों स्थितियों में सुधार करने का दावा करता है:
1. वीrर्य की मात्रा में कमी।
2. वीrर्य की गुणवत्ता/गाढ़ेपन में कमजोरी।
3. वीrर्य के स्वभाव (गुण) में कमी।
सामग्री
- शिलाजीत – 10 ग्राम
- नर खजूर पाउडर – 50 ग्राम
- सफेद मुसली (इंडिया) – 75 ग्राम
- असगंध नागौरी – 50 ग्राम
- जंद बेदस्तर – 50 ग्राम
- तुख्म बखड़ा – 50 ग्राम
- तुख्म शोलंगी – 50 ग्राम
- मीठे बादाम की गिरी – 50 ग्राम
- असली केसर – 30 ग्राम
- कीकर की फलियाँ – 30 ग्राम
- कीकर का गोंद – 30 ग्राम
- बरगद की जटा – 30 ग्राम
- पीपल की जटा – 30 ग्राम
- इमली की गिरी – 30 ग्राम
- सिंघाड़ा – 30 ग्राम
- कमरकस – 30 ग्राम
बनाने की विधि
सभी औषधियों को अलग-अलग पीस लें। फिर सभी का वजन सही करके अच्छी तरह मिलाकर चूर्ण (सफूफ) बना लें।
सेवन विधि
5 से 7 ग्राम चूर्ण सुबह और शाम दूध के साथ लें।
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अधिक जानकारी और संपर्क के लिए:
📞 0334-9778616
किसी भी रोग के बारे में निःशुल्क सलाह तथा गुणवत्तापूर्ण तैयार हर्बल औषधियाँ प्राप्त करने के लिए व्हाट्सऐप पर संपर्क करें:
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05/08/2026
🌿वीrर्य की गुणवत्ता और पुरुष शkक्ति के लिए पारंपरिक हर्बल योग💪🌿
यदि आपको मrर्दाना कमजोरी, शाrरीरिक कमजोरी, नसों की कमजोरी या वैवाहिक जीवन में कमजोरी महसूस होती है, तो यह पारंपरिक यूनानी नुस्खा सहायक हो सकता है।
✨ संभावित कारण:
🔸 अत्यधिक संmभोग
🔸 भोजन करने के तुरंत बाद संmभोग करना
🔸 खट्टी एवं अत्यधिक मसालेदार चीज़ों का अधिक सेवन
🔸 कुछ संnक्रामक रोग (जैसे सूजाक आदि)
🔸 लगातार कब्ज रहना
🔸 व्यायाम और सैर का अभाव
🔸 बढ़ती उम्र
🔸 कुछ त्वचा रोग (खाज, दाद, सोरायसिस आदि)
📌 आवश्यक सलाह:
✅ भोजन करने के लगभग 4 घंटे बाद ही संmभोग करें।
✅ संmभोग के बाद लगभग आधा लीटर दूध, एक सेब या एक रोटी का सेवन करें।
✅ संतुलित आहार लें, पर्याप्त आराम करें तथा नियमित व्यायाम और सैर को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
🌿 नुस्खा
सालब मिस्री — 30 ग्राम
सफेद मुसली — 30 ग्राम
तालमखाना — 30 ग्राम
बहेमन सुर्ख — 25 ग्राम
बहेमन सफेद — 25 ग्राम
शतावरी — 25 ग्राम
बहुफली — 25 ग्राम
बिहीदाना — 30 ग्राम
इमली के बीज की गिरी (तुख्म-ए-इमली कलाँ) — 30 ग्राम
🧪 बनाने की विधि:
इमली के बीजों को तोड़कर उनकी गिरी निकाल लें। इसके बाद सभी दवाओं को मिलाकर बारीक चूर्ण (सफूफ) तैयार कर लें।
🥛 सेवन विधि:
5 ग्राम सुबह और 5 ग्राम शाम को एक गिलास गुनगुने दूध के साथ लें।
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04/08/2026
यह नुस्खा किन-किन समस्याओं में लाभकारी बताया जाता है
- समय (टाuइमिंग) बढ़ाने में सहायक।
- पुरुष अंग की पूर्ण वृद्धि का दावा।
- भूख बढ़ाने में मददगार।
- चेहरे के दाग-धब्बे और झाइयों को कम करके निखार लाने का दावा।
- मांuसपेशियों की कमजोरी और शरीर की थकान के लिए लाभकारी।
- हस्तtमैथुन या अधिक स्व-मैथुन के कारण आई कमजोरी तथा पुरुषों की कमजोरी के लिए पारंपरिक यूनानी/हर्बल नुस्खा।
- वीrर्य की गुणवत्ता और शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने का दावा।
- कमर दर्द और रीढ़ की तकलीफ में लाभकारी बताया जाता है।
- मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में सहायक।
- हर प्रकार की कमजोरी दूर करने का दावा।
- धातु रोग, स्vवप्नदोष, शीघ्रrपतन, संवेदनशीलता, बूंद-बूंद वीrर्य निकलना तथा केवल विचार आने पर वीrर्य स्राव जैसी समस्याओं के लिए उपयोगी बताया जाता है।
- कब्ज दूर करने के लिए भी लाभकारी बताया गया है।
- दावा किया गया है कि 40 दिनों के उपयोग से खोई हुई ताकत और जवानी वापस आ जाती है।
- जिन लोगों को हस्तमैथुन या अन्य कारणों से विवाह योग्य न होने का डर है, उन्हें इसे एक बार अवश्य उपयोग करने की सलाह दी गई है।
- दावा है कि इसके उपयोग से बहुत अच्छे परिणाम मिलेंगे, इंशाअल्लाह।
नुस्खा (सामग्री)
- असगंध नागौरी – 50 ग्राम
- सफेद मुसली – 150 ग्राम
- शक्काकुल मिस्री – 50 ग्राम
- काली मुसली – 50 ग्राम
- शतावरी – 50 ग्राम
- कौजा मिस्री – 100 ग्राम
बनाने की विधि
सभी औषधियों को बारीक पीसकर अच्छी तरह मिला लें। नुस्खा तैयार है।
सेवन विधि
आधा चम्मच से एक चम्मच सुबह और शाम, भोजन से पहले पानी के साथ लें।
दावा किया गया है कि कुछ ही खुराकों में शरीर का दर्द और कमजोरी दूर हो जाती है। बचपन की गलत आदतों से आई पुरुष कमजोरी के लिए इसे अत्यंत प्रभावी बताया गया है।
यह एक भरोसेमंद और असरदार संयोजन होने का दावा करता है तथा हर प्रकृति (मिजाज) वाले लोगों के लिए उपयुक्त बताया गया है। इसे पूरे विश्वास के साथ उपयोग करने की सलाह दी गई है। दावा है कि यह ताकत, स्टैमिना, इरेक्शन, टाइमिंग, शुक्राणुओं की कमी और पुरुष कमजोरी जैसी समस्याओं में लाभ देता है।
इस नुस्खे का उपयोग करने के बाद किसी अन्य उपचार की आवश्यकता नहीं रहेगी तथा यह इरेक्शन, टाइमिंग, शुrक्राणुओं की कमी, पुरुiष कमजोरी और शीघ्रrपतन जैसी समस्याओं में लाभकारी है।
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आपका विश्वास हमारी ज़िम्मेदारी।
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03/08/2026
तेल बहुत इस्तेमाल किए पर ऐसा रिजल्ट नहीं मीला
खम्बा औसतन इrरेक्शन की अवस्था में लिंnग की लंबाई लगभग 6–7 इंच (16–17 सेमी) होना चाइये
- ढीली अवस्था (Flaccid) में लंबाई बहुत बदल सकती है और इससे इरेrक्शन के समय की लंबाई का सही अनुमान लगाया जा सकता। है
- कुछ लोगों का लिंnग ठंड या तनाव में छोटा दिखाई देता है और गर्मी या आराम की स्थिति में बड़ा
, अधिकांश पुरुष सामान्य आकार की सीमा में आते हैं।
- लिंnग का आकार यौvन संतुष्टि या पुरुषत्व का मापदंड होता हैं। संवाद, आत्मविश्वास और साथी की सहजता कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं।
- स्वस्थ खान-पान, नियमित व्यायाम, अच्छी नींद और धूम्रपान से बचाव यौvन स्वास्थ्य बनाए रखने में अधिक लाभदायक हैं।सामग्री
मलकांगनी – 1 ग्राम
लौंग – 0.5 ग्राम (2–3 लौंग)
सोंठ – 1 ग्राम
लहसुन – 1–2 ग्राम (1 छोटी कली)
जैतून/तिल का तेल – 50 मि.ली.
चालकिना,
रेगमाही और
बीरबहूटी
50 मि.ली. तिल का तेल (या तिल + जैतून का तेल) लें।
इसमें लगभग 1 ग्राम मलकांगनी, 0.5 ग्राम लौंग, 1 ग्राम सोंठ और 1–2 ग्राम हल्का कुटा हुआ लहसुन डालें।
बहुत धीमी आँच पर 10–15 मिनट तक गर्म करें। तेल को उबलने न दें।
आँच बंद करके पूरी तरह ठंडा होने दें।
साफ सूती कपड़े या महीन छलनी से छान लें।
साफ, सूखी काँच की बोतल में भरकर ठंडी और अंधेरी जगह पर रखें
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03/08/2026
काoमेच्छा और नmपुंसकता से जुड़े कारण"
अगर शरीर में काoमेच्छा (सेkक्स ड्राइव) कम है तो इंसान कभी पूरा मrर्द नहीं बन सकता, चाहे कितनी भी दवाइयाँ खा लें।
मिसाल के तौर पर – जैसे एटम बम एक ताकत है, उसे चलाकर नहीं बल्कि संभालकर इस्तेमाल करते हैं, ठीक उसी तरह कामेच्छा को बनाकर और संभालकर यौन स्वास्थ्य को बेहतर बनाया और बचाया जाता है। अच्छी डाइट और दवाओं का सही क्रम बनाकर इसे जीवनभर के लिए मजबूत किया जा सकता है।
यौvन दवाइयाँ 3 प्रकार की होती हैं:
👉 नंबर 1 – वक्ती (अस्थायी) दवाइयाँ
जैसे – टाइमिंग की गोली, इम्साक की दवा, जैल, क्रीम, ऑयल, अफीम, शिलाजीत, सुनने वाली दवाइयाँ और नशात आवर (उत्तेजक)।
ये बस अस्थायी आराम देती हैं, जैसे दर्द की गोली खाकर थोड़ी देर आराम मिलता है।
👉 नंबर 2 – आरज़ी (थोड़ी देर के लिए) दवाइयाँ
जब तक खाओ, तब तक फायदा; जैसे ही बंद करो, थोड़ी देर बाद हालत पहले जैसी हो जाती है। मतलब बीमारी जड़ से खत्म नहीं होती।
👉 नंबर 3 – मुस्तकिल (स्थायी) दवाइयाँ
ये देर से असर दिखाती हैं लेकिन टिकाऊ होती हैं। फायदा जीवनभर रहता है और इलाज 1-2 महीने का होता है। यही असली यौvन रोगों का इलाज है। अब मर्ज़ी आपकी।
बांoझपन और कम स्पmर्म काउंट के लिए बेहतरीन नुस्खा
(जीरो परसेंट स्पर्म वाले मरीज़ों के लिए तोहफा)
पेशाब के बाद टपकने वाली बूँदों (मज़ी/प्रोस्टेट ड्रिबलिंग) के लिए भी फायदेमंद।
यह नुस्खा – स्पmर्म पैदा करता है, ख़सियों की कमज़ोरी दूर करता है, हर तरह की शारीरिक कमज़ोरी खत्म करता है।
-
🔸 नुस्खा (सामग्री):
· जौहर ख़सिया – 100 ग्राम
· दर खटकल बूटी – 50 ग्राम
· सालब मिस्री – 50 ग्राम
· मूसली सफ़ेद – 50 ग्राम
· ज़ाफ़रान – 1 तोला
· डैमियाना – 3 तोला (खालिस)
· उक़रक़रहा – 3 तोला
· जिया पोता – 50 ग्राम
· सतावर – 50 ग्राम
· मग़्ज़-ए-दाना पम्बा – 50 ग्राम
· जिन्सिंग – 4 तोला
· जड़ मूँगा – 2 तोला
· अंबुल-स-सालब – 2 तोला
· तोदरी सुर्ख – 2 तोला
· तोदरी सफ़ेद – 2 तोला
· वरक़ सोना – 30 नंबर
· आम की गुठली – 10 नंबर
· बरहम डंडी – 25 ग्राम
सबको पीसकर रख लें। चूर्ण भी इस्तेमाल कर सकते हैं या माजून (गोली/लेप) बनाकर भी।
सुबह-शाम आधा चम्मच खाने से पहले शुद्ध दूध के साथ लें।
जीरो स्पmर्म वालों को बेहतरीन रिजल्ट देता है।
रिप्रोडक्टिव फ्लूइड को गाढ़ा और ज़्यादा बनाता है, हार्मोन लेवल बैलेंस रखता है।
जल्दी इंज़ाल, संवेदना कम होना – इन बीमारियों के लिए भी एक्सीर (रामबाण) है।
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🔗 संपर्क:
अंसार क्लीनिक – आपका विश्वास हमारी ज़िम्मेदारी
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02/08/2026
पुरुषों की यौvन शक्ति और समय बढ़ाने के लिए एक पारंपरिक यूनानी दवा के रूप में प्रस्तुत की जाती है। यह दावा किया जाता है कि जिन पुरुषों को संmभोग के दौरान पर्याप्त कठोरता (इrरेक्शन) नहीं रहती, शीrघ्र वीrर्यपात हो जाता है या इरेक्शन जल्दी समाप्त हो जाता है, वे इसे एक बार अवश्य आज़माएँ।
यदि आपको पत्नी के सामने शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है, मानसिक तनाव, बेचैनी या आत्मविश्वास की कमी महसूस होती है, तो इस दवा को आज़माने की सलाह दी जाती है।
दा, यह नुस्खा लंबे समय से विभिन्न मरीजों को दिया जा रहा है और इसके अच्छे परिणाम मिले हैं। यह गर्म और शुष्क प्रकृति से उत्पन्न कमजोरियों को दूर करने में लाभकारी बताया गया है। यहाँ तक कि मधुमेह (शुगर) के रोगियों के लिए भी इसे उपयोगी बताया गया है।
इसमें यह भी दावा किया गया है कि:
शुrक्राणुओं (स्पmर्म) की संख्या बढ़ाने में मदद करती है।
पुरुष शक्ति और यौन क्षमता को बहाल करती है।
यदि शीघ्रपतन गर्मी और शुष्कता के कारण हो, तो एक सप्ताह में फर्क महसूस हो सकता है।
मांसपेशियों की कमजोरी, थकान, यौvन इच्छा की कमी और इrरेक्शन की समस्या में लाभ देती है।
हस्tतमैथुन से हुई शारीरिक कमजोरी, चेहरे की पीली रंगत, धँसे हुए गाल, मानसिक कमजोरी और भूलने की समस्या में भी लाभकारी होने का दावा किया गया है।
जिन लोगों को संभोग में आनंद महसूस नहीं होता, उनके लिए भी इसे उपयोगी बताया गया है।
यह स्पmर्म की कमी पूरी करने, ग्रंथियों की सूजन कम करने, गुर्दों और मूत्राशय को ताकत देने, चेहरे की चमक बढ़ाने, वीrर्य को गाढ़ा करने तथा सुजाक में भी लाभकारी होने का दावा करती है।
कमजोर युvवक-युवतियों के लिए भी इसे अच्छा बताया गया है।
सामग्री (नुस्खा)
पोस्ट आंवला – 4 तोला
पोस्ट हरड़ – 4 तोला
पोस्ट बेहीड़ा – 4 तोला
तबाशीर – 4 तोला
केसर – 4 तोला
प्याज के बीज – 4 तोला
शलजम के बीज – 4 तोला
गंदना के बीज – 4 तोला
सालब मिस्री – 4 तोला
सालब पंजा – 4 तोला
तुलसी के बीज – 4 तोला
जंद बेदस्तर – 4 तोला
अकरकरा – 4 तोला
मोती – 4 तोला
लंबी काली मिर्च – 4 तोला
पिस्ता गिरी – 4 तोला
चिलगोज़ा – 4 तोला
हेज़लनट गिरी – 4 तोला
चिरौंजी – 4 तोला
कुश्ता शंगरफ – 2 तोला
शुद्ध शहद – 2 किलोग्राम
बनाने की विधि
सभी सामग्री को साफ करके बारीक पीस लें। जब अच्छी तरह मिल जाए तो कुश्ता मिलाएँ। फिर शुद्ध शहद मिलाकर पारंपरिक विधि से माजून तैयार करें।
सेवन विधि
सुबह और शाम, भोजन के आधे घंटे बाद आधा चम्मच गुनगुने दूध के साथ लें।
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02/08/2026
माजून-ए-निशात सबूर धैrर्यवान
रात छोटी, बात लंबी — शौiकीन मिiज़ाज लोगों के लिए बेहतरीन तोहफ़ा
सामग्री:
- कुश्ता शंगरफ़ – 10 ग्राम
- कुश्ता मरजान – 10 ग्राम
- कुश्ता जवाहरात – 15 ग्राम
- मोती (नासफ़्ता) – 15 ग्राम
- कश्मीरी ज़ाफ़रान – 20 ग्राम
- मुरक्कब मुश्क-अंबर – 5 ग्राम
- वर्क-ए-नुक़रा (चाँदी का वर्क) – 100 पत्ते
- मीठे बादाम की गिरी – 50 ग्राम
- कद्दू की गिरी – 50 ग्राम
- चिलगोज़ा – 50 ग्राम
- अखरोट की गिरी – 50 ग्राम
- हेज़लनट (फ़ंदूक) – 30 ग्राम
- बिनौला मगज़ – 40 ग्राम
- सालब मिस्री – 20 ग्राम
- तज – 10 ग्राम
- तालमखाना – 10 ग्राम
- सफेद मुसली – 30 ग्राम
- काली मुसली – 30 ग्राम
- तुख्म-ए-उटंगन – 20 ग्राम
- शतावरी – 20 ग्राम
- शक्काकुल मिस्री – 20 ग्राम
- बहमन सुर्ख – 20 ग्राम
- बहमन सफेद – 20 ग्राम
- बड़ी इलायची – 20 ग्राम
- दालचीनी – 20 ग्राम
- जावित्री – 20 ग्राम
- मूंगफली – 20 ग्राम
- गोखरू – 20 ग्राम
- तबाशीर – 20 ग्राम
- जायफल – 20 ग्राम
- तुख्म-ए-शहदांज – 30 ग्राम
- अजवाइन ख़ुरासानी – 30 ग्राम
- खसखस – 40 ग्राम
- पीपली – 40 ग्राम
- सूखा सिंघाड़ा – 40 ग्राम
- शुद्ध शहद – सभी दवाओं के कुल वजन का तीन गुना
बनाने की विधि:
सभी औषधियों का बारीक चूर्ण बना लें। उसमें सभी कुश्ते मिला दें। मोती, ज़ाफ़रान और मुरक्कब मुश्क-अंबर को गुलाब जल में अच्छी तरह घोटकर मिश्रण में मिला दें। अंत में शहद डालकर अच्छी तरह मिलाएँ। माजून तैयार है।
सेवन की मात्रा:
2 रत्ती से 1 माशा तक, आधा किलो गुनगुने दूध के साथ।
बताए गए लाभ:
- यौvन शक्ति और वीrर्य-स्थिरता के लिए उपयोगी बताया गया है।
- हस्tतमैथुन या अधिक यौvन उत्तेजना से होने वाली कमजोरी, वीrर्यस्राव, स्वvप्नदोष और शीtघ्रपतन में लाभकारी होने का दावा किया गया है।
- लंबे समय तक संmभोग, बेहतर तनाव (इरेक्शन) और अधिक समय तक टिके रहने के लिए इसे प्राकृतिक देसी नुस्खा बताया गया है।
- एक महीने का उपयोग पर्याप्त बताया गया है।
WhatsApp बने हुए नुस्खे और मुफ़्त सलाह पाने के लिए
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01/08/2026
मजून खास जो पुरी मrर्दानगी कों दुबारा ज़िन्दा करदे ध्यान से पढे
🎯 यह किसके लिए है?
· जिन्हें संmभोग के दौरान लिंnग में पर्याप्त कठोरता नहीं आती
· जिनकी कुछ बूंदें वीrर्य निकलते ही उत्तेजना समाप्त हो जाती है और लिंग ढीला पड़ जाता है
· जिन्हें कमर दर्द, जोड़ों का दर्द, मांसपेशियों की कमजोरी है
· जिनका यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है
· जिन्हें हस्tतमैथुन से हुई कमजोरी है
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📦 सामग्री (नुस्खा)
क्र.सं. सामग्री मात्रा
1 ईरानी केसर 5 ग्राम
2 मिस्री सालब 10 ग्राम
3 कपास के बीज की गिरी 10 ग्राम
4 सफेद मुसली 10 ग्राम
5 सालब पंजा 10 ग्राम
6 शतावरी 10 ग्राम
7 बीजबंद 10 ग्राम
8 मिस्री शकाकुल 10 ग्राम
9 बहमन सुर्ख 10 ग्राम
10 कमरकस 10 ग्राम
11 बहमन सफेद 10 ग्राम
12 अश्वगंधा नागौरी 10 ग्राम
13 कौंच (शुद्ध बीज) 10 ग्राम
14 पिस्ता गिरी 20 ग्राम
15 बादाम गिरी 20 ग्राम
16 ब्राह्मी बूटी 30 ग्राम
17 तालमखाना 10 ग्राम
18 इसबगोल का छिलका 10 ग्राम
19 मिश्री 150 ग्राम
20 सोंठ 30 ग्राम
21 शुद्ध देसी जंगली शहद आवश्यकतानुसार
-🥣 बनाने की विधि
सभी औषधियों को बारीक पीसकर अच्छी तरह मिलाएँ। फिर आवश्यकतानुसार शुद्ध शहद मिलाकर ऐसा गाढ़ापन लाएँ जो न अधिक पतला हो और न अधिक गाढ़ा। इस प्रकार माजून तैयार हो जाती है।
लाभ
· पुरुष शkक्ति बढ़ाना
· वीrर्य की मात्रा बढ़ाना
· भूख बढ़ाना
· चेहरे की झाइयाँ कम कर निखार लाना
· मांसपेशियों की कमजोरी दूर करना
· हस्तमैथुन से हुई कमजोरी दूर करना
· स्bवप्नदोष, धातु रोग, शीघ्रपतन का इलाज
· यौvन शक्ति बढ़ाना
· जiवानी वापस लाना
---
⏰ सेवन विधि
रात को भोजन के बाद गुनगुने दूध के साथ चने के बराबर मात्रा में
"एक बार अवश्य आज़माएँ – लिंnग में अच्छी कठोरता, संmभोग अवधि में वृद्धि, और पूरे शरीर की कiमजोरी दूर।"
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01/08/2026
L8nग मे दौड़ती नsसे
🌿 150 साल की विरासत, अफ्रीका की शेर जैसी ताक़त, और अब भारत की पवित्र धरती पर! 🦁
Virasat-e-Afrika को सलाम! 🙏
हम लाए हैं आपके लिए एक ऐसा तेल जो सदियों पुरानी अफ्रीकी परंपरा और शुद्ध भारतीय आयुर्वेद का अद्भुत संगम है। जी हाँ, पेश है African Mardana Sanjivani — अब एक नए और धमाकेदार अवतार में!
हमने अपने 150 साल पुराने दवाख़ाने की गुप्त विधि में घोला है अफ्रीका का जोश और ज़ुलु जनजाति का साहस। मिलिए हमारी नई ब्रांड फैमिली से:
नागकेसर – 10 ग्राम
तगर – 10 ग्राम
अश्वगंधा चूर्ण – 15 ग्राम
बला (Sida cordifolia) – 10 ग्राम
कपिकच्छु (कौंच बीज) – 10 ग्राम
शतावरी – 10 ग्राम
जटामांसी – 5 ग्राम
लहसुन की 5–7 कलियाँ (वैकल्पिक)
लाल बीर बहूटी – 2–3 ग्राम से अधिक नहीं, और केवल योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक के मार्गदर्शन में।
तिल का तेल – 150 मि.ली
🔥 Zulu Power Oil – ज़ुलु, अफ्रीका की बहादुर जनजाति, जो अपनी अदम्य शक्ति और जोश के लिए प्रसिद्ध है, उसी की ताक़त अब आपकी नसों में दौड़ेगी।
हमारे तेल में समाहित हैं ये अमूल्य आयुर्वेदिक रत्न:
➡️ नागकेसर – प्राचीन काल से प्रयुक्त, एक अद्भुत वीर्यवर्धक और शक्तिवर्धक जड़ी-बूटी।
➡️ तगर – तंत्रिका तंत्र को शांति और मज़बूती देने वाली दिव्य औषधि।
➡️ शुद्ध तिल का तेल – यह आधार तेल हर जड़ी-बूटी के गुणों को शरीर की गहराई तक पहुँचाने का सबसे सशक्त माध्यम है।
..और हमारी विधि का वो ख़ास राज़:
🔴 लाल बीर बहुती – प्रकृति का एक अद्भुत चमत्कार! यह एक विशेष कीट है जिसका चमकीला लाल रंग और औषधीय गुण आयुर्वेद में सदियों से प्रयोग किए जाते रहे हैं। हम इसका प्रयोग विशेष रूप से सुखाकर और अर्क के रूप में करते हैं, जो बनाता है ये तेल और भी प्रभावशाली।
ये ताकत और विरासत का वो मेल है जो आपको जीवन में पहले कभी महसूस नहीं हुआ होगा।
मर्दानगी, आत्मविश्वास और अटूट सहनशक्ति के लिए — चुनें Zulu Power Oil
आज ही आज़माएँ, और अपने पूर्वजों की विरासत और अफ्रीकी जोश को सलाम करें! 💪🌍
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31/07/2026
पेशाiब मे , गर्मी और चिप।चिपाहट से राहत — यूनानी नुस्खा
अगर केवल मसाने की गर्मी और चिपचिपा पानी (यानी पेशाब में जलन व चिपचिपाहट) की शिकायत है, और आपको निम्न में से कोई भी लक्षण नहीं है:
· तेज़ दर्द
· बुखार
· पेशाब में खून
· किसी STI (यौन संक्रमण) का संदेह
तो यूनानी परंपरा में इस समस्या के लिए एक सरल और प्रभावी नुस्खा इस प्रकार बताया जाता है:
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सामग्री (मिक्स्चर):
· Talmakhana – 100 ग्राम
· Tukhm Kahu (काहू के बीज) – 100 ग्राम
· Tukhm Khurfa (खुरफा के बीज) – 100 ग्राम
· Tukhm Kharbuza (खरबूजे के बीज) – 100 ग्राम
· Tukhm Kakri (ककड़ी के बीज) – 100 ग्राम
· Gond Katira (गोंद कतीरा) – 50 ग्राम
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बनाने की विधि:
सभी सूखी सामग्रियों को अलग-अलग पीसकर बारीक चूर्ण बना लें।
फिर सभी चूर्ण को अच्छी तरह मिला लें और किसी सूखे, एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखें।
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सेवन विधि (डोज़):
· सुबह – 5 ग्राम (लगभग 1 छोटी चम्मच)
· रात – 5 ग्राम (लगभग 1 छोटी चम्मच)
इसे लें:
ठंडे दूध के साथ या सादे ठंडे पानी के साथ।
अतिरिक्त सुझाव:
· इस मिश्रण को गर्म पानी या गर्म दूध के साथ न लें — ठंडा ही प्रभावी है।
· गर्मियों में यह ठंडक पहुँचाने वाला और मूत्रमार्ग को आराम देने वाला माना जाता है।
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