pk rawat
health beauty and meditation
16/09/2026
16/09/2026
To achieve success, you must keep moving forward.
゚
Title -Never give up( Chandu champion) जब तक मंजिल न मिले तब तक दौड़ो
15/09/2026
Title- अपनी skill को बेहतर बनाओ नौकर
अपने आप मिल जाएगी
Title - No Excuse, only hard work
Title कौन कौन से राजपूत राजा वीर महाराणा प्रताप के पक्ष में थे
और कौन कौन राजपूत राजा विरोध में थे
। इसे दो हिस्सों में समझिए। ध्यान रहे कि 16वीं सदी के स्रोतों में सभी सैनिकों/स्थानीय सरदारों की पूरी सूची उपलब्ध नहीं है, इसलिए नीचे प्रमुख नाम दिए जा रहे हैं।
🟢 महाराणा प्रताप के पक्ष में
नाम
पहचान/भूमिका
झाला बीदा/झाला मान
प्रमुख राजपूत योद्धा; हल्दीघाटी में प्रताप की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका
रामदास राठौड़
राठौड़ योद्धा; प्रताप की ओर से हल्दीघाटी में लड़े
चूंडावत सरदार
मेवाड़ के प्रमुख सामंत; प्रताप के संघर्ष में महत्वपूर्ण
हकीम खान सूर
अफगान सेनापति; प्रताप की सेना के प्रमुख सेनानायकों में
भील समुदाय
अरावली क्षेत्र में प्रताप के महत्वपूर्ण सहयोगी; स्थानीय भूगोल और युद्ध में सहायता
भामाशाह
प्रताप के समर्थक और वित्तीय सहयोगी; बाद के संघर्ष में बड़ी आर्थिक सहायता के लिए प्रसिद्ध
🔴 अकबर के पक्ष में प्रमुख राजपूत
नाम
राज्य/पहचान
राजा मानसिंह
आमेर (वर्तमान जयपुर क्षेत्र); हल्दीघाटी में मुगल सेना के प्रमुख
सेनापति
भगवंत दास
आमेर के शासक और मानसिंह के पिता; अकबर के महत्वपूर्ण
राजपूत सहयोगी
बीकानेर के राय सिंह
बीकानेर के शासक; मुगल सेवा में रहे
जोधपुर के मोटा राजा उदय सिंह
मारवाड़ के शासक; बाद में अकबर के साथ संबंध स्थापित किए
सबसे महत्वपूर्ण बात
इसे “राजपूत बनाम मुगल” के रूप में देखना ऐतिहासिक रूप से सही नहीं है। उस समय कुछ राजपूत शासक अकबर के सहयोगी थे, जबकि महाराणा प्रताप और उनके समर्थक मेवाड़ की स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे थे।
और हल्दीघाटी (1576) में प्रताप की सेना के सामने मुगल पक्ष की सेना थी, जिसका नेतृत्व मानसिंह कर रहे थे।
Category
Website
Address
Palwal
Palwal
121102
Alerts
Be the first to know and let us send you an email when pk rawat posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.
