gyaan masti
it's here to offer knowledge and entertainment.
18/03/2026
नोटबंदी हो तो कहा जाता है लोग लाइन में बेहोश हो गए। SIR लागू हो तो भी यही कहा जाता है कि लोग परेशान होकर गिर पड़े। गैस सिलेंडर लेने की लाइन की बात आती है तो भी बेहोश होने की कहानियाँ सामने आने लगती हैं। हर मुद्दे पर यही तस्वीर दिखाई जाती है कि लोग लाइन में खड़े-खड़े परेशान हो रहे हैं।
लेकिन एक सवाल अक्सर उठता है। जब हर महीने फ्री राशन लेने के लिए लंबी लाइन लगती है, तब शायद ही कभी सुनने को मिलता है कि लोग वहां बेहोश हो गए या हंगामा हुआ। लोग आराम से लाइन में लगते हैं, राशन लेते हैं और घर लौट जाते हैं।
यही वजह है कि कई लोग सवाल पूछते हैं कि क्या हर मुद्दे पर एक ही तरह का नैरेटिव बनाया जाता है? क्या कुछ घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है जबकि कुछ बातों पर बिल्कुल चर्चा नहीं होती?
आखिर ऐसा क्यों है कि कुछ लाइनों की तस्वीरें बार-बार दिखाई जाती हैं और कुछ लाइनों की चर्चा ही नहीं होती? यही सवाल आज कई लोगों के मन में है।
अस्वीकरण: यह पोस्ट सामाजिक चर्चा और सवाल के रूप में लिखी गई है।
02/03/2026
वाह रे कांग्रेसियों!
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Website
Address
104 Pipriya Dulaee
Pilibhit
262122
